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यात्रा के दौैरान महिला सुरक्षा के लिए होगी कमांड कन्ट्रोल सेंटर की स्थापना
परिवहन विभाग और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मध्य हुआ एमओयू
इंदौर. सार्वजनिक परिवहन के साधनों जैसे बस, टैक्सी, कैब में यात्रा करते समय, महिलाओं एवं बच्चियों की सुरक्षा एक चिन्ता का विषय है. इस संबंध में परिवहन विभाग द्वारा प्रत्येक सार्वजनिक परिवहन यानों में व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस तथा इमरजेन्सी बटन लगाना अनिवार्य किया है, जिससे किसी अप्रिय स्थिति में तत्काल सूचना संबधित विभागों पुलिस/, परिवहन को प्राप्त होगी एवं तत्काल कार्रवाई की जा सकेगी. परिवहन विभाग इन अलर्ट एवं सूचनाओं के लिए अत्याधुनिक मॉनिटरिंग (कमांड कन्ट्रोल) सेन्टर स्थापित कर रहा है, जिसका इन्टीग्रेशन सीधा स्टेट इमरजेन्सी रिस्पांस सिस्टम के साथ होगा.
एआरटीओ अर्चना मिश्रा ने बताया कि कमांड कन्ट्रोल सेन्टर की स्थापना के लिये आज परिवहन विभाग एवं सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर किये गये. परिवहन विभाग की ओर से परिवहन आयुक्त मुकेश जैन द्वारा तथा सडक परिवहन एवं राजमार्ग मत्रंालय की ओर से सुदीप दत्ता ने उक्त एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किये. शीध्र ही कमांड कन्ट्रोल सेन्टर की स्थापना होने के पश्चात यह जन सामान्य की सुविधा हेतु उपलब्ध होगा एवं महिला सुरक्षा के क्षेत्रे में कमांड कन्ट्रोल सेंन्टर की स्थापना, मील का पत्थर साबित होगा.
इस मॉनिटरिंग सेन्टर की स्थापना के लिये निर्भया फन्ड के अंतर्गत कुल व्यय का 60 प्रतिशत की सहायता केन्द्रीय सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जा रही है. शेष 40 प्रतिशत राशि का व्यय मध्यप्रदेश शासन द्वारा किया जाएगा. कमांड कन्ट्रोल सेन्टर स्थापित करने में कुल लागत 15.40 करोड रुपए है, इसमें से रू 9.24 करोड केन्द्र शासन द्वारा निर्भया फण्ड से सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के माध्यम से उपलब्ध कराये जा रहे है. शेष 6.16 करोड रूपये की राशि का व्यय मध्यप्रदेश शासन द्वारा परिवहन विभाग के माध्यम से किया जाएगा.
तुरंत पुलिस तक पहुंचेगा अलर्ट
कमांड कन्ट्रोल सेन्टर में प्राप्त सूचनाओं व अलर्ट को तत्काल ही पुलिस एवं अन्य एजेसियों के साथ साझा किया जाएगा. जिससे तत्काल कार्यवाही की जा सकेगी. साथ ही साथ हैल्पडेस्क सुविधा से महिलाओं/ बच्चियों द्वारा यात्रा करते समय किसी भी प्रकार के जानकारी प्राप्त की जा सकेगी. इसके अतिरिक्त वाहन मालिक अपनी गाड़ी की रियल टायम लोकेशन जान सकेगे.
परिवहन अधिकारी वाहन को जारी परमिट से भिन्न रूट पर वाहन के संचालन करने , समय चक्र के उल्लंघन पर कार्यवाही कर सकेगें. कमांड कन्ट्रोल सेन्टर में 24बाय7 कर्मचारी तैनात रहेंगे. कमांड कन्ट्रोल सेन्टर में तीन माह का पूर्ण रिकार्ड ऑनलाइन संधारित किया. जाएगा. अलर्ट डाटा का 2 बर्ष का रिकॉर्ड संधारित किया जावेगा, 2 बर्ष से अधिक का रिकार्ड आर्काइव के रूप में संधारित किया जाएगा.


